adani power project: मात्र 1रूपये में 1050 एकड़ जमीन सौप दी

अभी हाल ही में बिहार की राजनीति मैं एक बड़ा बवाल मचा हुआ है आडानी पावर प्रोजेक्ट को लेकर
बिहार के भागलपुर में 1050 एकड़ जमीन आडानी नें केद्र सरकार मात्र एक रूपये में दे दिया है
यह आरोप काग्रेस ने लगाया है और यहाँ तक कहा है कि इस आडानी बिजली प्लांट की सारी खर्च केद्र सरकार उठायेगी और उसके बाद आडानी को सौप देगी।

पीएम शिलान्यास की तैयारी!

सरकार का अपना दावा है कि बिहार में बड़े बिजली खपत को देखते हुऐ ऐसा निर्णय लिया गया है इसके लिये बिहार सरकार की सबसे बड़ी बिजली घर परियोजना को बिहार विधुत विनियामक आयोग ने मंजूरी दे दी है 21400 करोड़ बजट वाली 2400 मेगावाट प्रोजेक्ट है
जो भागलपुर के पीरपैंती में बनने वाले बिजली घर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है ।
कहा जा रहा है बिजली घर पीरपैंती से 6.075 रूपये यूनिट की दर से बिजली खरीदने की सहमति हो गई है।

विवाद क्यों हो रहा है

दरअसल इसके बवाल के पीछे की कारण यह कि केद्र सरकार आडानी ग्रुप को 1050 एकड़ की मात्र 1 रूपये प्रति वर्ष जमीन 33 साल के लिये लीज पर सौप दी है
मात्र 1 रूपये
यही यह बिजली बिहार को 6 रूपये प्रति यूनिट बेची जायेगी।
यूपी में यही महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में 3-4 प्रति यूनिट बिजली मिलती है जो 6 से बहुत कम है

किसानो से जबरन जमीन हड़पने का आरोप।

सरकार पर विपक्ष पार्टीया किसानो से जबरन जमीन हड़पने का आरोप लगा रही है जिसमें कहा जा रहा है कि सरकार आडानी को मुफ्त में जमीन दे रही है यही नही जिस 1050 एकड़ जमीन पर पावर प्रोजेक्ट की बात चल रही है उसे किसानो पर जबरन औवने पौवने दाम पर जमीन हथियाने का अरोप लगा रही है।

10 लाख पेड़ का मामला

सरकार जिस जमीन को आडानी के हाथ सौपी है उस 1050 एकड़ जमीन पर लगभग 10 लाख आम के पेड़ है जिसे सरकार उसे काट देगी।
दुसरी तरफ तो सरकार एक पेड़ माँ के नाम पर पेड़ लगाने के अभियान चलाती है तो दुसरी तरफ 10 लाख पेड़ को काटने का आदेश देती है
सरकार के दोहरेपन को उजागर करती है।

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